मंगलवार, 30 मार्च 2010

तुम्हीं मेरी मैया अम्बे भवानी

पहले पोस्ट पे आप सब की प्रतिक्रियाओं से मेरा हौसला काफी बढ़ा है और मैं प्रेरित होकर आप सब के सामने एक और रचना पेश कर रही हूँ। यह गीत खानदान फिल्म के 'तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो' के धुन पे लिखने की कोशिश की गयी है...आशा है ये प्रयास भी आप सबको पसंद आएगा...

तुम्हीं मेरी मैया अम्बे भवानी,
तुम्हीं प्रेरणा हो तुम्ही प्रेरणा हो

तुम्हीं जिन्दगी माँ,तुम्ही दिल की धड़कन
तुम्हीं साज मेरी तुम्ही सुर की सरगम

तुम्हीं बसी हो गीतों में मेरी,
तुम्हीं गीत मेरी तुम्हीं वंदना हो

मै माटी की हूँ नन्हा सा पुतला,
तुम्हीं प्राण मेरी तुम्हीं चेतना हो

मेरी माँ भवानी छिपी तुम कहाँ हो,
आ जाओ माँ मेरी दर्शन दिखा दो

तुम्हीं मेरी मैया अम्बे भवानी,
तुम्हीं प्रेरणा हो तुम्हीं प्रेरणा हो

10 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही भावपूर्ण निशब्द कर देने वाली . गहरे भाव.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया भजन बन गया इस धुन पर.

    उत्तर देंहटाएं
  4. acchi lagi praathanaa....o raayinaa.....kyonki praathanaa hi hamen dikhati hain aayinaa....!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. "तुम्हीं जिन्दगी माँ,तुम्ही दिल की धड़कन
    तुम्हीं साज मेरी तुम्ही सुर की सरगम

    तुम्हीं बसी हो गीतों में मेरी,
    तुम्हीं गीत मेरी तुम्हीं वंदना हो

    मै माटी की हूँ नन्हा सा पुतला,
    तुम्हीं प्राण मेरी तुम्हीं चेतना हो"

    जय अम्बे....
    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ बन पड़ी है जी,
    शुभकामनाये स्वीकार करे....

    उत्तर देंहटाएं
  6. A sweet song to 'Divin Mothr' by her senstive daughter on behaf of humen world. Saadhuwad.

    kai baar padha..rochak aur gahraiyon ko saath liya hua aakarahk rachna. Badhaai...

    उत्तर देंहटाएं